निःशुल्क बोरिंग योजना के लिए कैसे आवेदन करें? जाने पात्रता और लाभ। यह एक सरकारी योजना है जिसके तहत सरकार किसानों को अपने खेतों में बोरिंग (उथले नलकूप) कराने के लिए आर्थिक सहायता या सब्सिडी प्रदान करती है। इसका मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों में सिंचाई की समस्या को दूर करना है जहां नहर या अन्य सिंचाई के साधन उपलब्ध नहीं हैं। इस योजना के तहत, किसानों को बोरिंग पर कोई शुल्क नहीं देना होता है और सरकार द्वारा निर्धारित राशि का अनुदान सीधे उनके बैंक खाते में दिया जाता है।
पात्रता मानदंड
यह योजना हर राज्य में थोड़ी अलग हो सकती है, लेकिन सामान्य पात्रता मानदंड इस प्रकार हैं:
- आवेदक किसान संबंधित राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- किसान लघु या सीमांत श्रेणी का होना चाहिए।
- सामान्य वर्ग के किसानों के लिए न्यूनतम कृषि योग्य भूमि की सीमा निर्धारित होती है, जैसे कि 0.2 हेक्टेयर।
- अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों के लिए, अक्सर जोत की कोई सीमा नहीं होती है।
- किसान को पहले किसी अन्य बोरिंग योजना का लाभ नहीं मिला हो।
दस्तावेज़
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है:
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- भूमि से संबंधित दस्तावेज़ (खसरा, खतौनी)
- बैंक पासबुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
कैसे आवेदन करें?
आवेदन की प्रक्रिया भी राज्य के अनुसार अलग-अलग होती है।
- कुछ राज्यों में, किसान ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
- कई जगहों पर, किसान अपने ब्लॉक या जिला स्तर पर लघु सिंचाई विभाग या समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन जमा होने के बाद, अधिकारियों द्वारा सत्यापन किया जाता है और सब कुछ सही पाए जाने पर योजना का लाभ प्रदान किया जाता है।
यह योजना उन किसानों के लिए एक बहुत बड़ा सहारा है जो सिंचाई के अभाव में अपनी फसलों को नुकसान से बचा नहीं पाते। अगर आप इस योजना के बारे में और अधिक जानकारी चाहते हैं तो अपने राज्य के लघु सिंचाई विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें या अपने जिले के संबंधित अधिकारी से संपर्क करें।