MP Weather Update: मध्यप्रदेश में मानसून ने इस बार जबरदस्त दस्तक दी है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए अपडेट के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश देखने को मिल रही है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, कम दबाव के क्षेत्र और ट्रफ लाइन की सक्रियता के कारण मध्यप्रदेश के अधिकांश जिलों में अगले 24 से 48 घंटों तक मूसलधार बारिश की संभावना बनी हुई है।
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आज मंगलवार, 29 जुलाई को राज्य के 34 जिलों में बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें से 14 जिलों में अति भारी बारिश (Very Heavy Rain) और 20 जिलों में भारी बारिश (Heavy Rain) की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि कुछ इलाकों में 8.5 इंच तक पानी गिर सकता है।
Table of Contents
MP Weather Alert
मौसम विभाग द्वारा आज जिन जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वे हैं:
अति भारी बारिश की चेतावनी वाले जिले
ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, जबलपुर, नरसिंहपुर, सागर और टीकमगढ़।
भारी बारिश की चेतावनी वाले जिले
राजगढ़, गुना, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, डिंडोरी, अनुपपुर, उमरिया, कटनी, दमोह और पन्ना।
इन जिलों में स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है और आपातकालीन सेवाओं को एक्टिव मोड में कर दिया गया है।
MP Weather Report
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, वर्तमान में निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश और इससे लगे पूर्वी राजस्थान पर बना हुआ है। यह सिस्टम समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊँचाई तक सक्रिय है और इसकी ट्रफ लाइन पूर्व से पश्चिम की ओर झुकी हुई है।
इसके साथ ही एक और ट्रफ लाइन नॉर्थ ईस्ट अरब सागर से होते हुए गुजरात, पूर्वी राजस्थान, उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश और दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है। इसके चलते प्रदेश में नमी का प्रवाह लगातार बना हुआ है जिससे MP Weather में तेज बदलाव देखे जा रहे हैं।
एक ऊपरी हवा का चक्रवात भी दक्षिण पंजाब और आसपास के क्षेत्रों पर सक्रिय है, जिससे अगले 1-2 दिनों तक बारिश का दौर लगातार जारी रह सकता है।
MP Weather Rainfall Data
राज्य में इस वर्ष 1 जून से 28 जुलाई तक औसतन 54% ज्यादा वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो सामान्य से काफी अधिक है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में औसतन 66% अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश में यह आंकड़ा 44% अधिक का है।
ग्वालियर, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जैसे जिलों में तो इस सीजन का वर्षा कोटा पहले ही पूरा हो चुका है। यहां 37% अधिक वर्षा हो चुकी है। विशेष रूप से टीकमगढ़ और निवाड़ी में अब तक 42 इंच बारिश हो चुकी है।
वहीं, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, भोपाल, बुरहानपुर, जबलपुर और आगर-मालवा जैसे जिलों में अब भी औसत से कम बारिश हुई है। इंदौर और उज्जैन संभागों में बारिश केवल 12% से 32% के बीच रही है।
स्कूलों में छुट्टी का ऐलान
भारी बारिश को देखते हुए कई जिलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। यह निर्णय संबंधित जिलों के कलेक्टर्स द्वारा लिया गया है।
सीहोर जिले में लगातार हो रही वर्षा को देखते हुए कलेक्टर बालगुरु के. ने आदेश जारी किया है कि 29 और 30 जुलाई को जिले के सभी प्ले स्कूल, आंगनवाड़ी, शासकीय, अशासकीय और CBSE स्कूलों में अवकाश रहेगा।
विदिशा जिले में अत्यधिक वर्षा को देखते हुए कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने 29 जुलाई को कक्षा नर्सरी से 12वीं तक के सभी सरकारी, अशासकीय और CBSE स्कूलों के लिए छुट्टी घोषित की है।
अशोकनगर जिले में भी भारी बारिश को देखते हुए कलेक्टर आदित्य सिंह ने 29 और 30 जुलाई को जिले के सभी स्कूलों (नर्सरी से 12वीं तक) में अवकाश घोषित किया है।
MP Weather Impact: किसानों और आम लोगों पर असर
मध्यप्रदेश में भारी बारिश जहां एक ओर फसलों के लिए लाभदायक साबित हो रही है, वहीं दूसरी ओर जलभराव, यातायात बाधा और जनजीवन पर प्रतिकूल असर भी डाल रही है। कई गांवों में संपर्क मार्ग बंद हो चुके हैं, जबकि कुछ शहरी क्षेत्रों में जलजमाव के कारण ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से सोयाबीन और धान की फसलों को फायदा हो सकता है, लेकिन लगातार बारिश से फसल गलने का भी खतरा बढ़ गया है।
MP Weather Forecast: आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में बारिश का यह दौर 1 अगस्त तक जारी रह सकता है। इस दौरान कुछ जिलों में और भी अधिक बारिश होने की संभावना है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि आवश्यक कार्यों के अलावा घर से बाहर निकलने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
निष्कर्ष (Conclusion)
मध्यप्रदेश का मानसून इस बार पूरे शबाब पर है। रिकॉर्डतोड़ बारिश ने जहां किसानों के चेहरों पर खुशी ला दी है, वहीं प्रशासन के लिए यह किसी चुनौती से कम नहीं। ऐसे में यह जरूरी है कि हम सभी मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और खुद को सुरक्षित रखें।
अगर आप भी MP Weather से जुड़े ताजा अपडेट पाना चाहते हैं, तो मौसम विभाग की वेबसाइट या स्थानीय प्रशासन की सूचना पर नजर बनाए रखें।
MP Weather FAQs
Q.1: मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश किन जिलों में हुई है?
उत्तर: टीकमगढ़ और निवाड़ी में अब तक सबसे ज्यादा बारिश, लगभग 42 इंच दर्ज की गई है।
Q.2: किन जिलों में भारी बारिश के चलते स्कूल बंद हैं?
उत्तर: सीहोर, विदिशा और अशोकनगर में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।
Q.3: क्या बारिश का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा?
उत्तर: हाँ, मौसम विभाग के अनुसार 1 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
Q.4: वर्तमान में कौन-कौन से सिस्टम सक्रिय हैं जो बारिश का कारण बन रहे हैं?
उत्तर: कम दबाव का क्षेत्र, ट्रफ लाइन, ऊपरी हवा का चक्रवात और मानसून ट्रफ लाइन प्रदेश में सक्रिय हैं।